Login | Register | Forgot Password?
LATEST Want to become a Journalist.Opportunity to work with leading News Channels/TV News Agency/News Papers for 6 Months...No1journalist Academy of Mass Media invites application for Post Graduate Diploma in TV Journalism.(English-Hindi)..30 Seats only...Last date 31 May-2010...Selection through Interview....www.no1journalistacademy.com...PH...01143691607....09311665315(Delhi)-2nd Batch
 
Media News
न्यूज़ एंकर बनना है ?
रोज आप टीवी पर न जाने कितने एंकर देखते हैं, हर एंकर की अपनी खूबियां होती हैं..कुछ एंकर आपको पसंद आते हैं,उनका खबर पढ़ने का अंदाज पसंद आता है जबकि कुछ को आप देखकर भी अगले चैनल पर चले जाते हैं ...वरिष्ठ एंकर समीर अब्बास बता रहे हैं कि कैसे बना जाए एंकर ।
»दिल्ली से बाहर के लोगों के लिए कुछ करिए।
»मुकेश जी को हुई पीड़ा के लिए माफी चाहते हैं
»जयप्रकाश सिंह को मिला सम्मान
»'अगर है काबिलियत..मौका जरुर मिलेगा'
»यूं पहुंची दिव्या बीबीसी
»क्या करुं ,कहां जाऊं ?
»आजतक पहुंची मनोज्ञा लोइवाल
»The Most Adventrous Journalist
»दिव्या चलीं BBC
क्या है, रिपोर्टिंग?
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे वाई. एस. आर. के हैलीकॉप्टर क्रैश मामले में प्रबल प्रताप सिंह ने क्या शानदार रिपोर्टिंग की? आईबीएन 7 ने क्या शानदार काम किया है आरुषि मामले में? सीबीआई की, यूपी पुलिस की तमाम कमजोरियों की चुन-चुन कर अगर कोई बाहर लाया तो वो आईबीएन 7 ही था.

»कैसे करें राजनीतिक रिपोर्टिंग?

»क्या है क्राइम रिपोर्टिंग?

»कैसे करें स्पॉट रिपोर्टिंग ?

»एक रिपोर्टर के लिए अहम है, संपर्क.

किसी भी चैनल का बेस होता है आउटपुट.
आज के दौर में किसी भी न्यूज चैनल का सबसे मजबूर डिपार्टमेंट या यूं कहें कि सबसे मजबूत स्तंभ आउटपुट है तो बिल्कुल गलत नहीं होगा. आउटपुट, जैसाकि नाम से जाहिर है, ऑन एयर होने वाले चैनल के तमाम कंटेंट यानि खबरों के लिए जिम्मेदार होता है.

»कैसे और क्या काम होता है आउटपुट का?

»रनडाउन मतलब हॉट सीट

»कैसे काम करता है रनडाउन?

» यूं बनती हैं हैडलाइन्स

 
ASSIGNMENT चैनल का पेट भरता है.
ASSIGNMENT एक ऐसा शब्द जो खुद ही अपनी कहानी बयां कर देता है. ASSIGNMENT एक ऐसा डिपार्टमेंट है जिसकी जिम्मेदारी होती है चैनल का पेट भरना.

»क्या और कैसे काम करता है, असाइनमेंट

प्रोमो यानि खबर का विज्ञापन!
प्रोमो यानि अधिकतम 15 सेकेंड की एक ऐसी खबर जो दर्शकों को टीवी स्क्रीन तक लाने का काम करती है,वैसे प्रोमो की अवधि का कोई तय फार्मेट नहीं है और प्रोग्राम या न्यूज के हिसाब से प्रोमो अलग-अलग हो सकता है.

»प्रोमो लिखने से पहले सोचे.

 
टीवी के रंग
रंगों की अपनी भाषा है, इसलिए टेलीविजन न्यूज चैनलों में रंगों का खास महत्व है। क्या कभी आपने अंदाजा लगाया है कि टेलीविजन न्यूज चैनलों में अक्सर लाल रंग का इस्तेमाल क्यों किया जाता है। हर तरफ लाल रंग। ब्रेकिंग न्यूज की पट्टी आखिर गहरे लाल रंग की ही क्यों होती है।

»अर्थ का अनर्थ न करें.

»ठहरिए, इन शब्दों के लिए.

»अंग्रेजी भी, हिन्दी भी....

»टीवी की हिन्दी अलग होती है.

आइए चलें, न्यूजरूम में. पार्ट-एक
आखिर न्यूज़ बनती कैसे है? यहां हम न्यूज की वैल्यू की नहीं उस सॉफ्टवेयर की बात कर रह हे हैं जिसे आप और हम न्यूज़ कहते हैं. अपने आरंभ से लेकर टीवी के जरिए आपके घरों तक आने के बीच में कोई भी न्यूज कई सफर तय करती है.

»आइए, चलें न्यूजरूम में. पार्ट-दो

»आइए चलें, न्यूजरूम में. पार्ट-तीन

 
क्या बनना चाहते हैं आशुतोष?
आशुतोष...राजदीप सरदेसाई...दिबांग,दीपक चौरसिया,संजीव पालीवाल,सुमित अवस्थी..रिचा अनिरुद्ध,अशोक श्रीवास्तव.....अभिषार शर्मा, सईद अंसारी ,अल्का सक्सेना....पुण्य प्रसून वाजपेयी...ये चंद वो नाम हैं

 
स्क्रिप्ट, न्यूज़ की आत्मा है ..
सबसे पहले हमें ये समझना होगा कि स्क्रिप्ट कुछ और नहीं, न्यूज़ की आत्मा है. जैसे इंसान के जिस्म से आत्मा निकलते ही वो लाश में बदल जाता है ठीक वैसे ही बगैर स्क्रिप्ट के या खराब स्क्रिप्ट के साथ न्यूज़, न्यूज़ नहीं है. हालांकि टेलीविजन के बारे में कहा और माना जाता है कि ये विजुअल माध्यम है इसलिए कहा जाता है

»बोलचाल की भाषा का करें इस्तेमाल

»स्क्रिप्ट की बारीकियां

»छोटी-छोटी बातों का रखें ध्यान

»इन्वेस्टिगेशन या फॉलोअप स्क्रिप्ट समझें.

न्यूज की समझ अहम है.
न्यूज क्या है? आखिर कैसे कोई घटना खबर बन जाती है और कैसे बड़ी बड़ी घटनाएं होते हुए भी कवर नहीं होती? सामान्य तौर पर अबतक न्यूज की जो परिभाषा हम सुनते आए हैं वो ये कि नॉर्थ ,ईस्ट, वेस्ट और साउथ यानि किसी भी दिशा में होने वाली घटना खबर बनती है.

»स्टोरी आइडिया क्यों, कैसे और क्या?

»स्टोरी आइडिया को इस तरह परखें.

 
 
Electronic Media Courses
 
Hero of Journalism
जिंदगी लाइव यानि जुनून-ऋचा

जिंदगी लाइव आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है...समाचार चैनलों की भीड़ में जाने कितने प्रोग्राम आप रोज देखते हैं...राजनीति से लेकर क्राइम तक...इनमें से कुछ आपके पसंदीदा एंकर भी हैं...बात चाहे आशुतोष की हो या पुण्य प्रसून वाजपेयी की ...बरखा दत्त की या फिर राजदीप सरदेसाई की ... इन सबके बीच एक चेहरा हमेशा दर्शकों को अपनी तरफ खींचता है ...अपनेपन का एहसास कराता है...एक चेहरा जिसकी आंखों से जब आंसू निकलते हैं तो लगता है कि बेगानी भीड़ के बीच कोई है जिसे आप अपना कह सकते हैं ...वो चेहरा है ऋचा अनिरुद्ध का...2002 में जी न्यूज से टीवी न्यूज की दुनिया में कदम रखने वाली ऋचा आज किसी परिचय की मोहताज नहीं...वैसे यहां ये बात भी बतानी जरुरी है कि ऋचा की बात होते ही सामने आता है एक नाम-जिंदगी लाइव।


 
Between Us : Brij
नौकरी दिलाने का वादा करने वाले धोखेबाजों से बचें। नौकरी दिलाने का वादा करने वाले धोखेबाजों से बचें।
आज ही एक छात्र का मेल आया है ...उस मेल में राकेश कुमार नाम के एक छात्र ने लिखा है कि उन्होंने मीडिया के मशहूर संस्थान से एक साल का पत्रकारिता का कोर्स किया है...कोर्स में दाखिला लेते वक्त उन्हें कुछ शर्तें पूरी करने पर शर्तिया नौकरी का वादा किया गया था ...राकेश ने उन सभी शर्तों को पूरा किया जाहिर सी बात है कि ऐसे में संस्थान को उसे नौकरी दिलवानी चाहिए थी लेकिन यहां सवाल ये है कि नौकरी कोई पेड़ तो टंगी नहीं है कि हाथ बढ़ाया और तोड़ लिया...लेकिन अब कुकरमुत्ते की तरह उग आए उन संस्थानों का क्या किया जाए जो फीस तो मोटी मोटी वसूलते हैं लेकिन प्लेसमेंट के नाम पर सिर्फ दिखावा ही करते हैं ...
 
Exclusive Byte
ठेके पर जीवनसाथी समीर अब्बास
ठेके पर जीवनसाथी
हमारे यहां कहा जाता है कि 'रिश्ते' आसमान में बनते हैं , जब जब , जिस जिससे , जिसको मिलना है मिल जाएगा और जब वो आपको मिलेगा तो खुद ब खुद आपको इस बात का अहसास हो जाएगा कि हां, यही है मेरी मंजिल।

भाई तू तो ये गल मत कर आशुतोष
भाई तू तो ये गल मत कर
'ओए मनिंदर, तू तो ऐसी गल मत कर, शर्म कर।' प्यार भरी ये झिड़की जहीर अब्बास की थी। और वो कह रहे थे भारत के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर मनिंदर सिंह को। जहीर अब्बास को पहचान की जरूरत नहीं।

ये कसाब का बकरा है दारैन शाहिदी
ये कसाब का बकरा है
दिल्ली के जामा मस्जिद पर बकरे बिक रहे थे। एक से एक मोटे ताज़े। सबकी अलग-अलग कीमत थी। किसी का नाम शाहरुख़ खान किसी का नाम सलमान खान।
 
Competition
Know Competition
click here
 
Two Way Communication
 
Ask Expert
Name
Email
Suggestion